भारत ने कश्मीर में आतंरिक फेरबदल करते हुई कुछ अस्थायी नियम जो की बहुत पहले ही बदल दी जानी थी शांतिप्रिय तरीके से बदलाव किया . इस बदलाव को शांतिप्रिय तरीके से करने के लिए और नमकहराम नेताओं और नमकहराम लोगों को अपने हिंशक भावनाओ को सोचने और करने से रोकने के लिए एक ऐसी नित्ति अपनायी जिससे की सारे हिंसा प्रिय लोग दंग रह गए . भारत ने जिस सोच समझ के साथ सख्ती और शांतिप्रियता के साथ लागू करवाया वह भी एक मिसाल ही है . मुझे तो समझ ही नहीं आता है की भारत के लोग क्यों विरोध करते है धरा ३७० और ३५ए को हटाने में . भारत सर्कार की समझ बूझ को लोग क्यों नजरअंदाज कर देतें है और हर मामले में सरकार को दोष देतें है .
सब लोग आतंकवाद को सह देने वाले और कश्मीर में हिंसा फ़ैलाने वाले पाकिस्तान की निंदा करने से बचते है क्या सिर्फ पाकिस्तान का बचाओ कुछ हिंदुस्तानी इसलिए करते है की वो एक मुस्लिम राष्ट है . मैंने किसी भी मुस्लिम को बालकोट अटैक पर ख़ुशी का इजहार करते नहीं देखा सब संशय करते ही दिखें . क्या भारत सर्कार यु ही बम गिराएगी आप इस सोच को क्या नाम देंगे . भारत में रह कर क्यों भारत सरकार और भारत के सेना पर क्यों सवाल उठाते है . क्या भारत के लोग देश से ऊपर होकर कौम को तरजीह देतें है . मैंने तो जागरूक मुस्लमान को यह कहतें भी सुना है की लस्कर ऐ तैयबा , जैश ऐ मोहमद आतंकवाद का काम नहीं करती वो तो एक न जी ओ की तरह गरीब मदरसों को चलता है .
हिंदुस्तान के मुस्लमान को सोचने की जरुरत है जागरूक होने की जरुरत है एक मजबूत डायरेक्शन लेने की है .
सब लोग आतंकवाद को सह देने वाले और कश्मीर में हिंसा फ़ैलाने वाले पाकिस्तान की निंदा करने से बचते है क्या सिर्फ पाकिस्तान का बचाओ कुछ हिंदुस्तानी इसलिए करते है की वो एक मुस्लिम राष्ट है . मैंने किसी भी मुस्लिम को बालकोट अटैक पर ख़ुशी का इजहार करते नहीं देखा सब संशय करते ही दिखें . क्या भारत सर्कार यु ही बम गिराएगी आप इस सोच को क्या नाम देंगे . भारत में रह कर क्यों भारत सरकार और भारत के सेना पर क्यों सवाल उठाते है . क्या भारत के लोग देश से ऊपर होकर कौम को तरजीह देतें है . मैंने तो जागरूक मुस्लमान को यह कहतें भी सुना है की लस्कर ऐ तैयबा , जैश ऐ मोहमद आतंकवाद का काम नहीं करती वो तो एक न जी ओ की तरह गरीब मदरसों को चलता है .
हिंदुस्तान के मुस्लमान को सोचने की जरुरत है जागरूक होने की जरुरत है एक मजबूत डायरेक्शन लेने की है .

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