Saturday, November 30, 2019

न संभलोगे तो मिट जाओगे हिंदुस्तान वालो, तुम्हरी दास्तान भी न होगी, दास्तानों में!

तन की फिक्र कर नादां मुसीबत आने वाली है, तेरी बर्बादियों के मशवरे है आसमानों में! न संभलोगे तो मिट जाओगे हिंदुस्तान वालो, तुम्हरी दास्तान भी न होगी, दास्तानों में!

हमारे प्यारे देश के सदर्भ में ये मुहावरे एकदम सटीक बैठते है . अभी भारत में जैसी स्थति बनती जा रही है लोगों के बीच जो दूरियां बनती जा रही है अगर अभी नहीं पुरे भारत को एक बार फिर झकझोरा गया तो वो दिन दूर नहीं है जब हम विश्व के लिए एक गलत मिसाल ना बन जाएँ जिसका डर हमे हमेशा से सताता रहा है  . भारत के हर धर्म , मजहब और विचारधारा रूपी मोती को देशभक्ति रूपी डोरी में पीरोंना होगा .
                                                     भारत में बाहरी ताकतों द्वारा जिस तरह से अथक कोशिस की जा रही है धर्मो के आधार पर संस्कृति के आधार पर तोरने की अगर इसका डट कर मुकाबला नहीं किया जाएगा तो स्थिति और विकत रूप ले सकती है . कश्मीर की जनता जिस तरह भारतविरोधी नारा लगाती है , पंजाब में जिस तरह अलगवादी संगठन बाहरी ताकत के इशारे पर अलग देश की मांग करने लगे थे गहरी चिंता की विषय है . हमारी अपनी जनता जो की इसी मिटटी में जनम ली है विदेशी ताकतों के बहकावे में आकर अपने देश की रक्षा करने वाली विश्व की बेहतरीन अनुशाशन को निभाने वाली आर्मी की दुश्मन बन गयी .जड़ा यह सोचे की कैसा लगता होगा जब हमारा रखवाला अपने घर में अपने ही आदमिओं के द्वारा मारा जाता है .
                                        हर उस चीज का आजकल विरोध होता है जो समानता के अधिकार को बढ़ावा देता है , देश को एक धागे में पिरोता है , सारे धर्मो को एक ही अधिकार देता है और महिलाओ की हक़ की बात करता है . हम लोग क्यों नहीं अपने अंतरात्मा को एक बार झाकतें है अपने आप में सोचते है देश है तो हम है अगर देश नहीं तो हम कैसे रहेंगे .
    हम ने अपने देश को धर्म के नाम पर एक बार पहले भी तोड़ डाला , लानत है ऐसी मजहबी उन्माद को जो देश को तोड़ने की जिद पर अरा था और फिर उबाले मार रहा है . भारत में रह कर किस से आजादी चाहिए  . भारत में जो आजादी है वो बाकी विश्व में एक सपना ही है . भारत लोकतंत्र का संस्थापक देश है भला यहाँ किस तरह का भेदभाव है . मेरा अनुरोध है देश के रहने वाले लोगों से देश को जोड़े कोई गलती हुई है तो सुधर करें . महान भारत को पुनः विश्व पटल पर सूरज की तरह स्थापित करें जो अभी तारों की तरह टीम टीमा रहा है .

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